“सार्डस ऑफ लिविंग कार्यक्रम का लक्ष्य विद्यार्थियों को एक व्यापक शैक्षिक अनुभव प्रदान करना है जो उनके विकास के बौदिक, भावनात्मक, शारीरिक और आध्यात्मिक आयामों को सक्रिय रूप से पोषित करके सर्वांगीण विकास की ओर ले जाती है। इसका उद्देश्य सामान्य शिक्षा के साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी में निहित मानवीय मूल्यों को संवर्धित कर उनके व्यक्तित्व का विकास करना है। इस लक्ष्य का एक प्रमुख पहलू विद्यार्थियों को आवश्यक जीवन है। ध्यान जैसी अभ्यास क्रियाओं के माध्यम से विकसित आंतरिक कल्याण के साथ ही उनमें बाहरी वातावरण की गहरी समझ विकसित करना है। यह स्वयं के साथ गहरे संबंध की भारतीय दार्शनिक अवधारणा को दर्शाता है। “साइंस ऑफ लिविंग” कार्यक्रम इस दिशा में एक अनूठी शैक्षिक पहल है जो विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन जीने का कौशल प्रदान करता है। यह कार्यक्रम योग, ध्यान, भावनात्मक बुद्धिमत्ता विकास, नैतिक मूल्यों और स्वस्थ जीवन-शैली को अपनाने पर बल देता है।

वर्तमान परिदृश्य में जहाँ शिक्षा शैक्षणिक उत्कृष्टता पर केंद्रित हो चुकी है वहीं यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करता है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को मानवीय मूल्यों से संपृक्त, नैतिक आचरण युक्त, परस्पर सौहार्द्र की भावना से अनुस्यूत एक आदर्श और जिम्मेदार नागरिक बनाता है।

इस कार्यक्रम में चार स्तरों पर बच्चों के लिए गतिविधियों तैयार की गई हैं। हर स्तर पर ऐसी गतिविधियाँ विकसित की गई हैं जो विद्यार्थियों की जिज्ञासा, करुणा, आत्मचिंतन और सहभागिता को प्रोत्साहित करती हैं। ये गतिविधियाँ सार्वभौमिक अधिगम संरचना के सिद्धांतों और NEP 2020 की दृष्टि से पूरी तरह मेल खाती हैं तथा नीति निर्धारित शैक्षिक उद्देश्यों को पूरा करती है।

इस कार्यक्रम को श्रेष्ठ शैक्षणिक उद्देश्यों के साथ अत्यधिक परिश्रम और दूरगामी परिणामों के साथ तैयार किया गया है। SCERT दिल्ली के निर्देशन में देश के विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञों, विभिन्न विश्वविद्यालयों से जुड़े कई विशेषज्ञों, शिक्षाविदों के साथ शिक्षा निदेशालय के समर्पित शिक्षकों की टीम ने इस कार्यक्रम के निर्माण में अपना सहयोग और योगदान दिया है, जिसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करती हूँ तथा आशा करती हूँ कि यह कार्यक्रम अपने सभी लक्षित उद्देश्यों की प्राप्ति के साथ हमारे विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित मानवीय मूल्यों से युक्त कर राष्ट्र की प्रगति में अपना योगदान देगा।

एक बार पुनः इस कार्यक्रम से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप जुड़े हुए व्यक्ति, संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस कार्यक्रम के सफल और सुचारु होने की मंगलकामनाएँ करती हूँ।

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